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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ
जब अल्लाह की सहायता आ जाए और विजय प्राप्त हो,
Quran
سورة النصرDivine Support • 3 ayat • MadaniyahTranslated by Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ
जब अल्लाह की सहायता आ जाए और विजय प्राप्त हो,
وَرَأَيْتَ النَّاسَ يَدْخُلُونَ فِي دِينِ اللَّهِ أَفْوَاجًا
और तुम लोगों को देखो कि वे अल्लाह के दीन (धर्म) में गिरोह के गिरोह प्रवेश कर रहे है,
فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَاسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُ كَانَ تَوَّابًا
तो अपने रब की प्रशंसा करो और उससे क्षमा चाहो। निस्संदेह वह बड़ा तौबा क़बूल करनेवाला है