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At-Tin

سورة التين

The Fig8 versículos Mequí

Translated by Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

1

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ وَالتِّينِ وَالزَّيْتُونِ

इन्जीर और ज़ैतून की क़सम

2

وَطُورِ سِينِينَ

और तूर सीनीन की

3

وَهَٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ

और उस अमन वाले शहर (मक्का) की

4

لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنْسَانَ فِي أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ

कि हमने इन्सान बहुत अच्छे कैड़े का पैदा किया

5

ثُمَّ رَدَدْنَاهُ أَسْفَلَ سَافِلِينَ

फिर हमने उसे (बूढ़ा करके रफ्ता रफ्ता) पस्त से पस्त हालत की तरफ फेर दिया

6

إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ

मगर जो लोग ईमान लाए और अच्छे (अच्छे) काम करते रहे उनके लिए तो बे इन्तेहा अज्र व सवाब है

7

فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدِّينِ

तो (ऐ रसूल) इन दलीलों के बाद तुमको (रोज़े) जज़ा के बारे में कौन झुठला सकता है

8

أَلَيْسَ اللَّهُ بِأَحْكَمِ الْحَاكِمِينَ

क्या ख़ुदा सबसे बड़ा हाकिम नहीं है (हाँ ज़रूर है)