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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ
(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
القرآن
سورة الشرحThe Consolation • 8 آيات • مكيةTranslated by Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ
(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
وَوَضَعْنَا عَنْكَ وِزْرَكَ
और तुम पर से वह बोझ उतार दिया
الَّذِي أَنْقَضَ ظَهْرَكَ
जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ
और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
فَإِذَا فَرَغْتَ فَانْصَبْ
तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَارْغَبْ
और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो