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Al-Fil

سورة الفيل

The Elephant5 آیات مکی

Translated by Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

1

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَابِ الْفِيلِ

ऐ रसूल क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे परवरदिगार ने हाथी वालों के साथ क्या किया

2

أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِي تَضْلِيلٍ

क्या उसने उनकी तमाम तद्बीरें ग़लत नहीं कर दीं (ज़रूर)

3

وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ

और उन पर झुन्ड की झुन्ड चिड़ियाँ भेज दीं

4

تَرْمِيهِمْ بِحِجَارَةٍ مِنْ سِجِّيلٍ

जो उन पर खरन्जों की कंकरियाँ फेकती थीं

5

فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَأْكُولٍ

तो उन्हें चबाए हुए भूस की (तबाह) कर दिया