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Ash-Sharh

سورة الشرح

The Consolation8 аятов Мекканская

Translated by Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

1

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ

(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)

2

وَوَضَعْنَا عَنْكَ وِزْرَكَ

और तुम पर से वह बोझ उतार दिया

3

الَّذِي أَنْقَضَ ظَهْرَكَ

जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी

4

وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ

और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया

5

فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا

तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है

6

إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا

यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है

7

فَإِذَا فَرَغْتَ فَانْصَبْ

तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो

8

وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَارْغَبْ

और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो