بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ وَالشَّمْسِ وَضُحَاهَا
सूरज की क़सम और उसकी रौशनी की
Коран
سورة الشمسThe Sun • 15 аятов • МекканскаяTranslated by Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ وَالشَّمْسِ وَضُحَاهَا
सूरज की क़सम और उसकी रौशनी की
وَالْقَمَرِ إِذَا تَلَاهَا
और चाँद की जब उसके पीछे निकले
وَالنَّهَارِ إِذَا جَلَّاهَا
और दिन की जब उसे चमका दे
وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَاهَا
और रात की जब उसे ढाँक ले
وَالسَّمَاءِ وَمَا بَنَاهَا
और आसमान की और जिसने उसे बनाया
وَالْأَرْضِ وَمَا طَحَاهَا
और ज़मीन की जिसने उसे बिछाया
وَنَفْسٍ وَمَا سَوَّاهَا
और जान की और जिसने उसे दुरूस्त किया
فَأَلْهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقْوَاهَا
फिर उसकी बदकारी और परहेज़गारी को उसे समझा दिया
قَدْ أَفْلَحَ مَنْ زَكَّاهَا
(क़सम है) जिसने उस (जान) को (गनाह से) पाक रखा वह तो कामयाब हुआ
وَقَدْ خَابَ مَنْ دَسَّاهَا
और जिसने उसे (गुनाह करके) दबा दिया वह नामुराद रहा
كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَاهَا
क़ौम मसूद ने अपनी सरकशी से (सालेह पैग़म्बर को) झुठलाया,
إِذِ انْبَعَثَ أَشْقَاهَا
जब उनमें का एक बड़ा बदबख्त उठ खड़ा हुआ
فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ نَاقَةَ اللَّهِ وَسُقْيَاهَا
तो ख़ुदा के रसूल (सालेह) ने उनसे कहा कि ख़ुदा की ऊँटनी और उसके पानी पीने से तअर्रुज़ न करना
فَكَذَّبُوهُ فَعَقَرُوهَا فَدَمْدَمَ عَلَيْهِمْ رَبُّهُمْ بِذَنْبِهِمْ فَسَوَّاهَا
मगर उन लोगों पैग़म्बर को झुठलाया और उसकी कूँचे काट डाली तो ख़ुदा ने उनके गुनाहों सबब से उन पर अज़ाब नाज़िल किया फिर (हलाक करके) बराबर कर दिया
وَلَا يَخَافُ عُقْبَاهَا
और उसको उनके बदले का कोई ख़ौफ तो है नहीं