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Ad-Dhuhaa

سورة الضحى

The Morning Hours11 ayat Makkiyyah

Translated by Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

1

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ وَالضُّحَىٰ

साक्षी है चढ़ता दिन,

2

وَاللَّيْلِ إِذَا سَجَىٰ

और रात जबकि उसका सन्नाटा छा जाए

3

مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلَىٰ

तुम्हारे रब ने तुम्हें न तो विदा किया और न वह बेज़ार (अप्रसन्न) हुआ

4

وَلَلْآخِرَةُ خَيْرٌ لَكَ مِنَ الْأُولَىٰ

और निश्चय ही बाद में आनेवाली (अवधि) तुम्हारे लिए पहलेवाली से उत्तम है

5

وَلَسَوْفَ يُعْطِيكَ رَبُّكَ فَتَرْضَىٰ

और शीघ्र ही तुम्हारा रब तुम्हें प्रदान करेगा कि तुम प्रसन्न हो जाओगे

6

أَلَمْ يَجِدْكَ يَتِيمًا فَآوَىٰ

क्या ऐसा नहीं कि उसने तुम्हें अनाथ पाया तो ठिकाना दिया?

7

وَوَجَدَكَ ضَالًّا فَهَدَىٰ

और तुम्हें मार्ग से अपरिचित पाया तो मार्ग दिखाया?

8

وَوَجَدَكَ عَائِلًا فَأَغْنَىٰ

और तुम्हें निर्धन पाया तो समृद्ध कर दिया?

9

فَأَمَّا الْيَتِيمَ فَلَا تَقْهَرْ

अतः जो अनाथ हो उसे मत दबाना,

10

وَأَمَّا السَّائِلَ فَلَا تَنْهَرْ

और जो माँगता हो उसे न झिझकना,

11

وَأَمَّا بِنِعْمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثْ

और जो तुम्हें रब की अनुकम्पा है, उसे बयान करते रहो